Sunday, September 6, 2015

मलाल कैसा

इस दुनिया में आने का मलाल कैसा,
न कुछ लाये हो, न कुछ ले जाओगे,
तो मलाल कैसा।

रोते आये हो, रूला के जाओगे,
इसमें मलाल कैसा।

कुछ भी न लाये थे, पर पाया बहुत कुछ,
इस पर मलाल कैसा।

जो भी पाया बहुत पाया, तो कम पाने का मलाल कैसा।

जीवन है एक मधु तो इसमें,
डूबकर मर जाने का मलाल कैसा।

न कुछ लाया था, न कुछ ले जाओगे,
तो मलाल कैसा।

इस दुनिया में आने का मलाल कैसा।।

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